Sambhog Shakti Badhane Ke Liye Ayurvedic Upchar

Sambhog Shakti Badhane Ke Liye Ayurvedic Upchar

संभोग शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार-

संभोग और इसके मायने-

संभोग केवल अपनी काम-उत्तेजना को शांत करने का माध्यम नहीं है। अपितु यह एक ऐसा आनंद और सहयोगिक क्रिया है, जो एक-दूसर के सहयोग से ही संभव है। जिसे काम-भोग में स्त्री और पुरूष दोनों को समान तृप्ति और आनंद मिले उसे ही संभोग कहते हैं। अगर संभोग प्रक्रिया के दौरान स्त्री-पुरूष में से एक अधूरा रह जाये, चरम तक ना पहुंचते, आनंद कोसों दूर हो जाता है और मन भी खिन्न हो जाता है।

अक्सर अपनी गलत आदतों व बचपन की गलतियों के कारण पुरूष लोग सेक्स कमजोरी के शिकार हो जाते हैं, जैसे- शीघ्रपतन, नामर्दी आदि। फिर आगे चलकर वैवाहिक जीवन में भी ये कमियां व सेक्स कमजोरी मुसीबतों का पहाड़ बनकर टूट पड़ती है।

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ऐसे ही पुरूषों के लिए जो इन सेक्स समस्याओं से जूझ रहे हैं उनके लिए नीचे कुछ बेजोड़ व असरदार आयुर्वेदिक नुस्खे बताये जा रहे हैं। ये योग संभोग के दौरान आपकी सेक्स क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होंगे:-

Sambhog Shakti Badhane Ke Liye Ayurvedic Upchar

1. कौंच के छिले हुए बीजों का चूर्ण 5 ग्राम, तालमखाने की बीजों का चूर्ण 5 ग्राम तथा मिश्री का चूर्ण 10 ग्राम लें। तीनों को एक साथ मिलाकर फांके एवं ऊपर से धारोष्ण गौ-दुग्ध पीवें। इसके नियमित सुबह-शाम सेवन से कामेच्छा में वृद्धि होती है। स्तम्भन शक्ति भी बढ़ती है।

2. चामकस 100 ग्राम और मिश्री का चूर्ण 20 ग्राम को 300 ग्राम गरम दूध में डालकर पियें। सेक्स-बल बढ़ाने में अनुपम है।

3. फरीद बूटी 10 ग्राम तथा मिश्री का चूर्ण 20 ग्राम को पावभार धारोष्ण गौ-दुग्ध अथवा ताजा पानी में डालकर पीयें। नित्य सुबह के समय 20 दिन तक सेवन किया जाये तो बल बढ़ता है, इस योग से लिंग की शिथिलता भी समाप्त हो जाती है।

4. रूमीमस्तंगी का चूर्ण 5 ग्राम और मिश्री का चूर्ण 10 ग्राम लेकर उसे 300 ग्राम धारोष्ण दूध(गाय का अथवा भैंस का) में मिलाकर नित्य सुबह-शाम नियमित रूप से 40 दिन तक सेवन किया जाये तो अपूर्व बल-वृद्धि होती है।

5. करेला का रस 50 ग्राम तथा करेला की पत्तियों का रस 50 ग्राम लेकर एक साथ मिला लें और किसी पात्र में गरम होने को चूल्हे पर रख दें। जब रस पककर गोलियां बन सकने योग्य गाढ़ा हो जाये तो उतार कर 3-3 ग्राम की गोलियां बनाकर रख लें। पहले थोड़ा-सा(लगभग 100 ग्राम) धारोष्ण दूध पियें फिर थोड़े-से(उतने ही) दूध के साथ 1 गोली निगल लें। पंद्रह मिनट बाद लगभग 10 ग्राम शहद धीरे-धीरे चाटें। यह प्रयोग दिन छिपने से पूर्व संध्या समय करें। स्तम्भकारी योग है। मैथुन के आनंद में अपूर्व वृद्धि करता है।

6. मुलहठी का चूर्ण 5 ग्राम, शुद्ध देसी घी 5 ग्राम व शहद 3 ग्राम लेकर इन्हें स्टील की कटोरी में अंगुलि से भली प्रकार मिलाकर धीरे-धीरे चाटें। ऊपर से मिश्री के चूर्ण से मीठा किया हुआ गरम दूध पियें। खूब काम-शक्ति बढ़ेगी। 40 दिन तक नित्य प्रातःकाल सेवन करें।

7. प्याज का रस(अर्क) 5 ग्राम, देसी घी 3 ग्राम, शहद 5 ग्राम को परस्पर मिलाकर नित्य सुबह-शाम चाटें और ऊपर से गरम तथा मीठा दूध पीयें, तो एक महीने में ही खूब बल बढ़ जायेगा।

Sambhog Shakti Badhane Ke Liye Ayurvedic Upchar

8. छोटी इलायची के बीज(दानें) 10 ग्राम, जायफल(दक्षिणी) 10 ग्राम, अकरकरा 10 ग्राम, तालमखाना 10 ग्राम, सेमर-वृक्ष की जड़ की छाल 10 ग्राम, कौंच के बीज की गिरी 10 ग्राम, तुलसी के बीज(तुख्म बालंगा) 10 ग्राम।
इन उपरोक्त सब वस्तुओं को कूट-पीसकर कपड़छान चूर्ण बना लें। फिर वट-वृक्ष के दूध के साथ खरल में घोंट कर आधा-आधा ग्राम की गोली बनाकर रख लें। इनमें से 1-1 गोली नित्य सुबह-शाम मिश्री मिले हुए गरम दूध के साथ 40 दिन तक नियमित सेवन करें तो अपूर्व बल-वृद्धि होगी।

9. परबल के बीजों को भून लें और फिर उन्हें कूट-छानकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा को 10 ग्राम शुद्ध शहद में मिला लें और धीरे-धीरे चाटें। इस प्रयोग को रोजाना सुबह-शाम सेवन करते रहें, तो शरीर का बल क्षय नहीं होगा, संभोग क्षमता बढ़ेगी, बुढ़ापा पास नहीं फटकता और चेहरा कांतिवान बना रहता है।

10. बहमन सफेद 50 ग्राम तथा सफेद मूसली 50 ग्राम लेकर इन्हें कूट-पीस-छानकर चूर्ण बना लें। फिर उसमें 250 ग्राम ईसबगोल की भुसी अच्छी तरह मिलाकर किसी बोतल या शीशे के मर्तवान में भरकर रख दें। इस चूर्ण को 5 से 8 ग्राम तक की मात्रा में लेकर उसमें उतना ही(समभाग) मिश्री का चूर्ण मिलाकर फांके। ऊपर से 200 ग्राम गाय का धारोष्ण दूध पी लिया करें। नित्य प्रातः-सायं इस दवा का 1 मास तक सेवन किया जाये, तो स्वप्नदोष आदि वीर्य विकार नष्ट होकर पौरूष बढ़ता है व शरीर पुष्ट होता है।

11. धनियां, भांग, काहू के बीज, कासनी के बीज तथा नीलोफेर प्रत्येक को 10-10 ग्राम लें और कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। फिर उसमें 100 ग्राम मिश्री का चूर्ण तथा 100 ग्राम साबुत ईसबगोल मिलाकर स्वच्छ बोतल में भर दें। इस योग को 6 ग्राम मात्रा नित्य प्रातःकाल धारोष्ण दूध के साथ 21 दिन तक सेवन करने पर वीर्य की गर्मी शांत होकर बल बढ़ता है। परीक्षित योग है।

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